बाबाओं_राजनीतिक
February 16, 2020 • Sachin Kumar

बाबाओं_राजनीतिक
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"" बाबाओ_राजनीतिक और  से छुटकारा पाना बड़ा मुश्किल है यानी बहुत कठिन है आज के स्वार्थी मतलबी दुनियां में!
सवाल इनसे छुटकारे का नही है !! 
सवाल_तो_तुम्हारे अज्ञान के मिटने का है ?!
जबतक तुम अज्ञानी हो बेअक्ल हो तुम्हें कोई ना कोई लुटता रहेगा !
बाबा _राजनेता ,पंडित-पुरोहित , मुल्ला-मौलवी अपने ज्ञान का डर भय क्रोध दिखाकर तुम्हें लूटते रहेगें क्योंकि तुम अज्ञानी हो बेअक्ल हो अगर ज्ञान होता अकल होता तो डरते ही क्यो !?!
मरना_जीना सुख दुख सब रब के हाथ है एक शक्ति जिसे हम ईश्वर अल्लाह गॉड कहते है !
*तुम्हारे_पूर्वज_बुज़ुर्ग जो करते आरहे है जो कहते आरहे उसी को तुम भी ईश्वर अल्लाह गॉड कहते हो !!*
उस_का_न कोई रंगरूप है न सूरत है न ही किसी ने कभी देखा है !
उसे_अपनाने वाले उस के रास्ते पर चलने वाले ने एक नाम दिया "धर्म मज़हब" का !?
अपने_पूर्वजों बुज़ुर्गों के बताए धर्म-जाति को छोड़कर अपने मन माफ़िक धर्म-जाति बना लिए !!
*आज_अनलिमिटेड धर्म-जाति बन गए !*
क्या_ईश्वर अल्लाह गॉड ने बनाये है किसने बनाया हमने-आपने !!
*जैसे IAS,IPS,IFS,BSC,BCOM,BA, MBBS,MD engineer advocate और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्रीये_सब_किसने बनाया हमने आपने !!
पहले_सिर्फ़ एक ही धर्म मज़हब religion था
 जिसे #इंसानियत_मानवता कहते थे !
दो_जाति होती थी "स्त्री-औरत८, पुरुष-मर्द" !!
जब_तक तुम जागरूक नही होंगे तबतक लूटोगे ही !
*आपस_मे कटोंगे-मरोगे ही !?!*
फिर_किसने_लुटा किस झण्डे की आड़ में लुटे, क्या फ़र्क पड़ता !!
लेकिन_मैं_चाहता हूं की तुम ज्ञानी अकल के पुजारी बनो खुद अपने बलबूते खड़ा रहना सिखो !
 अंधविश्वास के अन्धकार से निकलकर  खुले आकाश में उड़ना सिखों !
मैं_तुम्हें हिन्दू ,मुस्लिम, सिख,ईसाई,जैन,बौद्ध etc.. .नही बनाना चाहता !!
मैं_तुम्हें_पूरा आकाश आसमान के नीचे का कुछ भाग-हिस्सा देना चाहता हूं !!
 मैं_तुम्हें एक संसार दुनिया के एक अलग रंग रूप देना चाहता हूं !
 धर्म_जाति, लोगों के बहकावे मतभेदों से कोसों दूर जहाँ कोई भेदभाव नही सिर्फ़ और सिर्फ़ इंसानियत मानवता हो !
आज_भी नफ़रत फैलाने वालों पर !
प्यार_मोहब्बत के पुजारी बहुत भाड़ी है !!

भूलचूक_माफ़ी