इंदौर, मुंबई, पुणे, जयपुर, कोलकाता और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों में कोरोना की स्थिति गंभीर: गृह मंत्रालय
April 20, 2020 • Sachin Kumar

इंदौर, मुंबई, पुणे, जयपुर, कोलकाता और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों में कोरोना की स्थिति गंभीर: गृह मंत्रालय

नई दिल्ली,

 


गृह मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से खतरे में डाल रहा है और कोविड-19 फैलने का जोखिम भी बढ़ रहा ।

 यह पत्र केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखा है, जिसमें कहा है कि वेदिशा-निर्देश को सख्ती से लागू करें।
गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा हो रही है, सामाजिक दूरी संबंधी नियमों का उल्लंघन किए जाने के साथ ही शहरी इलाकों में वाहनों की आवाजाही देखने को मिल रही है। एमएचए ने कहा है कि इंदौर, मुंबई, पुणे, जयपुर, कोलकाता और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों में कोविड-19 की स्थिति गंभीर है।

गृह मंत्रालय ने बताया है कि सरकार ने मौके पर कोविड-19 स्थिति के आकलन के लिए छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम गठित की, राज्यों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि अंतर मंत्रालयी टीमें लॉकडाउन के क्रियान्वयन, अनुपालन और आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति तथा स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगी।

भारत में 17,265 मामले, 543 लोगों की मौत

भारत में पिछले 24 घंटों में सामने आए 1,553 नए मामलों के साथ देश में सोमवार सुबह तक कोरोनावायरस महामारी से संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 17,265 हो गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। मंत्रालय ने अपने मॉर्निंग अपडेट में कहा, “वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण के कुल एक्टिव मामलों की संख्या 14,175 है। वहीं महामारी के चलते अब तक 543 मौतें हो चुकी हैं।”

मंत्रालय ने कहा, “(देश में कुल संक्रमित हुए व्यक्तियों में से) उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए 2546 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक मरीज माइग्रेट (दूसरे देश गया) हुआ है। 77 विदेशी नागरिक भी महामारी से संक्रमित हुए हैं।” महाराष्ट्र कोरोनावायरस संक्रमण के सबसे अधिक 4,203 मामलों और 223 मौतों के आंकड़ों के साथ महामारी के प्रकोप से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला राज्य बना हुआ है। इसके बाद 45 मौतों और 2003 मामलों के साथ दिल्ली का स्थान है।