जानिए कोंन सी बातें है अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत अपराध
May 6, 2020 • Sachin Kumar

जानिए कोंन सी बातें है अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत अपराध

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अगर कोई गैर अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय का व्यक्ति

1. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को कोई घृणित या अखाद्य या अपशिष्ट पदार्थ खाने या पीने के लिए मजबूर करें या जबरदस्ती उसके मुंह में डालें
2. किसी अनुसूचित जाति /जनजाति समुदाय के व्यक्ति के घर, जमीन, प्लाट या द्वार पर किसी इंसान मलमूत्र, किसी जानवर का मलमूत्र, किसी जानवर का शव या कोई अन्य घृणित पदार्थ डालना
3. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को जानबूझकर चोट मारने ,नुकसान पहुंचाने , परेशान करने या अस्वस्थ करने की नियत से उसके घर के सामने या पड़ोस में मलमूत्र डालना, किसी जानवर का शव डालना, कूड़ा करकट डालना, या कोई अन्य घृणित पदार्थ डालना।
4. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति के गले में चप्पल -जूतों का हार डालकर या उसे नग्न या अर्धनग्न हालत में सार्वजनिक स्थानों पर परेड कराना
5. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति का उसके मानवाधिकारों के विरुद्ध जबरदस्ती उसे गंजा करना, उसकी दाढ़ी- मूंछें साफ करना , उसके कपड़े उतरवाना या उसके शरीर को रंगना या मुंह पर जबरदस्ती कालिख पोतना
6. किसी अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्ति की मलकियत वाली या अलाट की गई, ट्रांसफर की गई या उसके कब्जे वाली या सरकार द्वारा इसके हक में इस तरह की अधिसूचित जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करना या जबरदस्ती उस पर खेती करना
7. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति की मलकियत या कब्जे वाली जमीन से जबरदस्ती कब्जा छिनना या उस कब्जे के साथ जंगल से जुड़े हुए अधिकार तथा सिंचाई व पानी से जुड़े हुए अधिकारो से उसे वंचित करना  व उसकी जमीन पर उगी फसल को नष्ट करना या लूटना
8. किसी अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के व्यक्ति से जबरदस्ती बेगार या बंधुआ मजदूरी कराना।
9. किसी अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के व्यक्ति से जबरदस्ती किसी मानव या जानवर का शव उठवाना या उस उद्देश्य के लिए कोई क़ब्र खोदने के लिए मजबूर करना
10. अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को मानव मल ढोने के लिए मजबूर करना या उसे इस तरह के किसी व्यवसाय या नौकरी करने के लिए मजबूर या प्रेरित करना
11. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय की महिला या पुरुष को धार्मिक संस्थान, मंदिर या स्थान में किसी देवता ,राक्षस , प्रतिमा या पूजा का पात्र बनने के लिए मजबूर करना व इस काम के लिए बढ़ावा देना या देवदासी जैसी प्रथा के लिए मजबूर करना या इस तरह की प्रथा को बढ़ावा देना।
12. चुनाव के समय कानून के विरुद्ध किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को किसी विशेष उम्मीदवार को वोट देने या न देने के लिए मजबूर करना तथा अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को बतौर उम्मीदवार चुनाव लड़ने से रोकना या उसको अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए मजबूर करना या किसी उम्मीदवार का प्रस्तावक बनने से रोकना
13. अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय का व्यक्ति जो संविधान के तहत किसी पंचायत या पंचायत समिति या अन्य किसी पंचायत निकाय में किसी पद पर है उसे उसकी कानूनी व संवैधानिक ड्यूटी करने से रोकना या संविधान विरुद्ध कार्य करने के लिए मजबूर करना या धमकी देना
14. चुनाव के बाद किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को चोट मारना, उस पर हमला करना या उसे गंभीर चोटें मारना या उसका या उसके समुदाय का जानबूझकर सामाजिक बहिष्कार करना करके उसे सामाजिक सुविधाओं का फायदा लेने से रोकना।
15. चुनाव के दौरान किसी अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्ति को किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने या ना डालने के लिए इस कानून के तहत अपराध करना
16. किसी अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के व्यक्ति खिलाफ झूठी दुर्भावनापूर्ण तथा कष्टकर कानूनी व आपराधिक कार्रवाई करना
17. अनुसूचित जाति व जनजाति व्यक्ति के विरुद्ध किसी लोकसेवक को  झूठी व दुर्भावनापूर्ण शिकायत करना ताकि लोकसेवक अपनी शक्तियों का प्रयोग अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के व्यक्ति को परेशान करने या उसे कष्ट पहुंचाने में करे ।
18. अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति का अपमान करने या उसे नीचा दिखाने के नियत से किसी सार्वजनिक स्थान पर जनता की मौजूदगी में उसका अपमान करना
19. किसी सार्वजनिक स्थान पर किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति का अपमान करने की नियत से या उसे नीचा दिखाने के लिए उसे जातिसूचक गालियां बकना
20. किसी ऐसी वस्तु या प्रतिमा जो दलित समाज के लिए में उच्च सम्मान व पवित्रता रखती हो उसे तोड़ना, नष्ट करना या अशुभ करना।
21. अनुसूचित जाति जनजाति समुदाय के प्रति मौखिक, लिखे हुए शब्दों द्वारा या इशारो या  किसी विरोध पत्र द्वारा दुश्मनी की भावना, नफरत ,वैरभाव को बढ़ावा देना या बढ़ाने का प्रयास करना
22.अनुसूचित जाति जनजाति समुदाय के महान पुरुषों, संतो प्रति मौखिक, लिखे हुए शब्दों द्वारा या इशारो या  किसी विरोध पत्र द्वारा उनका अपमान या अनादर करना या करने का प्रयास करना
23. यह जानते हुए कि यह महिला अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय से है उसे किसी योन हिंसा / छेड़खानी करने की नियत उक्त महिला की मर्जी के बगैर से छूना
24.  यह जानते हुए कि महिला या युवती अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय से है उसके तरफ जानबूझकर यौन हिंसा या छेड़खानी की नियत से भद्दे इशारे  करना ,फब्तियां कसना या अश्लील हरकतें करना ।
25. आमतौर पर किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले जलाशय या पानी के स्त्रोत को जानबूझकर उक्त व्यक्ति या समुदाय के लोगों को परेशान करने के लिए दूषित करना, रोकना या अशुद्ध करना
26. अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को किसी परंपरागत रास्ते का इस्तेमाल कर किसी अड्डे, रिसोर्ट जाने से रोकना या किसी सार्वजनिक स्थान का इस्तेमाल करने में रुकावट पैदा करना जिनका इस्तेमाल करने का अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के लोगों का हक हो
27. अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय को या उसके किसी सदस्य को कोई गांव ,घर या कोई अन्य स्थान छोड़ने के लिए मजबूर करना या इस तरह के हालात पैदा करना
28. किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय को किसी इलाके की सामुदायिक या सांझी प्रॉपर्टी इस्तेमाल करने से रोकना या किसी दफनाने की जगह या अंतिम संस्कार की जगह का प्रयोग करने से  या दलित समाज को किसी सामुदायिक या सांझा जल स्त्रोत, जलाशय, पानी की डिग्गी, नाला, नदी, नलकूप या किसी पब्लिक सुविधा केंद्र, रास्ता, सड़क को इस्तेमाल करने से रोकना
29. अनुसूचित जाति या जनजाति समाज के लोगों को साइकिल यात्रा करने से ,मोटरसाइकिल पर जुलूस निकालने से या किसी शादी या शुभ अवसर पर या दुख के अवसर पर कोई जुलूस निकालने, शादी या किसी शुभ अवसर पर घोड़ी चढ़ने या किसी वाहन में बैठने से रोकना।
30. अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय की किसी व्यक्ति को किसी धार्मिक स्थान में घुसने से रोकने या किसी धार्मिक, सामाजिक या सांस्कृतिक समारोह या जुलूस में हिस्सा लेने या शामिल होने से रोकना
31. अनुसूचित जाति जनजाति समुदाय की लोगों को किसी शिक्षण संस्थान ,अस्पताल ,डिस्पेंसरी, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, दुकान या पब्लिक एंटरप्राइजेज या किसी और सार्वजनिक स्थान पर घुसने या उसका प्रयोग करने से रोकना या किसी बर्तन या किसी वस्तु जो सामुदायिक इस्तेमाल के लिए किसी सार्वजनिक जगह पर रखी हुई है उसका इस्तेमाल करने से रोकना
32. अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को किसी व्यवसाय , धंधा करने जीविका चलाने ,कोई बिजनेस करने या किसी जगह नौकरी करने से रोकना जहां पर अन्य समुदायों के लोग नौकरी करने का अधिकार रखते हैं
33. जादू टोना या डायन प्रथा के नाम पर किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को चोट मारना, परेशान करना या उसे मानसिक पीड़ा पहुंचाना
34 .  अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के किसी व्यक्ति,परिवार या समुदाय का सामाजिक व आर्थिक बहिष्कार करना या बहिष्कार करने की धमकी देना
35. अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की नियत से उसके खिलाफ मनगढ़ंत, झूठा सबूत यह जानते हुए कि झूठे सबूत या शिकायत की वजह से अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को मौत तक की सजा हो सकती है को लोक सेवक के समक्ष प्रस्तुत करना और यदि इस तरह के झूठे व मनगढ़ंत सबूत के आधार पर किसी निर्दोष अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को सजा हो जाती है तो ऐसा अपराधियों को मौत की सजा से दंडित किया जाएगा
36. अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की नियत से उसके खिलाफ मनगढ़ंत, झूठा सबूत यह जानते हुए कि झूठे सबूत या शिकायत की वजह से अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को सात साल या अधिक तक की सजा हो सकती है को लोक सेवक के समक्ष प्रस्तुत करना और यदि इस तरह के झूठे व मनगढ़ंत सबूत के आधार पर किसी निर्दोष अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को सजा हो जाती है तो ऐसा अपराधियों को सात साल की सजा से दंडित किया जाएगा
37.  किसी दलित समुदाय के व्यक्ति के घर में कोई ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटक पदार्थ यह जानते हुए रखना कि इससे उस अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति की प्रॉपर्टी को नुकसान हो सकता है तो ऐसे अपराधी को कम से कम 6 महीने और अधिकतम 7 साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
38. अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के व्यक्ति के घर में जानबूझकर आग लगाने या विस्फोट करने, यह जानते हुए कि  जिस स्थान या प्रोपर्टी आग लगाई जा रही है वह इंसानों के रहने के लिए है या पूजा का स्थान है तथा दलित समुदाय के व्यक्ति के कब्जे में है अगर कोई गैर अनुसूचित जाति समुदाय का व्यक्ति यह अपराध करता है तो उसे कम से कम उम्र कैद व जुर्माने के साथ सजा सुनाई जाएगी।
39. यदि कोई गैर अनुसूचित जाति समुदाय का व्यक्ति किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के व्यक्ति को यह जानते हुए कि सामने वाला व्यक्ति अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय से है , यह जानते हुए उसके साथ कोई ऐसा अपराध करता है जिसमें भारतीय दंड संहिता की धाराओं में कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है उस दशा में एक्ट की धारा 3(2)(5) स्वयं आकर्षित हो जाएगी तथा इस धारा के तहत आरोपी को कम से कम उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई जाएगी।
40. यदि कोई गैर अनुसूचित जाति समुदाय का व्यक्ति अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्ति या प्रॉपर्टी को जानते हुए यह है दलित समुदाय से संबंधित है कोई ऐसा अपराध करता है जो भारतीय दंड संहिता के तहत भी अपराध है तो उस व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता के तहत अधिकतम सजा व जुर्माने से दंडित किया जाएगा
41. यदि अनुसूचित जाति जनजाति समुदाय के व्यक्ति खिलाफ कोई अपराध होने की जानकारी है या उस पर विश्वास करने का कारण है तथा कोई गैर अनुसूचित जाति समुदाय का व्यक्ति इससे संबंधित कोई सबूत को इस नियत से  नष्ट करता है ताकि अपराधी को कानूनी सजा से बचाया जा सके या इस संबंध में कोई झूठी जानकारी लोक सेवक को देता है तो वह इस बारे में दंडित किया जाएगा।
42. यदि कोई आरोपी अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत कोई अपराध करता है तथा वह कोई लोकसेवक या कर्मचारी भी है तो उसे कम से कम 1 साल के कारावास या किये गए अपराध में दी गयी सजा को भुगतना होगा ।
43. यदि कोई सरकारी अधिकारी जो गैर अनुसूचित जाति समुदाय से है जानबूझकर अपनी सरकारी ड्यूटी को अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय को नुकसान पहुंचाने के लिए लापरवाही से प्रयोग करता है तो उसे कम से कम 6 माह और जो 1 साल तक हो सकेगी व जुर्माने से दंडित किया जाएगा ।

नोट-:- अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत वर्णित अपराध non-compoundable है। इन अपराधों में समझौता नहीं किया जा सकता तथा इन अपराधों में शिकायतकर्ता, पुलिस या ट्रायल कोर्ट को भी समझौता कराने का अधिकार नहीं है यदि कोई शिकायतकर्ता अदालत के सामने गवाही के दौरान समझौते करने की नियत से अपने बयानों से मुकरता है तो सरकार को तथा अदालत को उस शिकायतकर्ता के खिलाफ कानून प्रक्रिया संहिता की धारा 340 व 195,193, 182 के तहत मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार होगा जिसमें उसे शिकायतकर्ता को सजा हो सकती है।