जनसंघ का चुनाव चिन्ह 'दीपक' था। उसने आरएसएस की राजनीति का दिया जलाया। फिर 5 अप्रैल 1980 को जनसंघ का नया नामकरण भारतीय जनता पार्टी किया गया और अगले दिन अर्थात 6 अप्रैल 1980 को नयी पार्टी भाजपा का ऐलान किया गया। आरएसएस मानता है कि जनसंघ के 'दीपक' से ही भाजपा का 'कमल' खिला है।
April 4, 2020 • Sachin Kumar

क्रोनोलॉजी समझिए-
जनसंघ का चुनाव चिन्ह 'दीपक' था। उसने आरएसएस की राजनीति का दिया जलाया। फिर 5 अप्रैल 1980 को जनसंघ का नया नामकरण भारतीय जनता पार्टी किया गया और अगले दिन अर्थात 6 अप्रैल 1980 को नयी पार्टी भाजपा का ऐलान किया गया। आरएसएस मानता है कि जनसंघ के 'दीपक' से ही भाजपा का 'कमल' खिला है।
 इस साल 6 अप्रैल को भाजपा की स्थापना का चालीसवाँ स्थापना दिवस पड़ रहा है। इसलिए भाजपा के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर वह 5अप्रैल को देशभर के लोगों से 'दीपक' जलवा रही ताकि जनसंघ की स्मृतियों और भाजपा के उदय के जश्न को ऐतिहासिक बनाया जा सके।
कोरोना तो एक बहाना है, भला कोरोना का दीपक, मोमबत्ती और टार्च से क्या लेना देना? कोरोना से निपटने के लिये चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं की जरूरत है कि दीपक, मोमबत्ती या टार्च की ?
इस चक्कर में पड़ने से अच्छा है आपस में दूरी बनाकर रहिये और भुखमरी के शिकार गरीबों मजलूमों की मदद कीजिए।

मोमबत्ती या दीपक जलाने से अच्छा
किसी गरीब का चूल्हा जलवाया जाए